वस्तुओं और सेवाओं को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की जरूरतः कुलपति प्रो. राजबीर सिंह

Girish Saini Reports

वस्तुओं और सेवाओं को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की जरूरतः कुलपति प्रो. राजबीर सिंह

गुरूग्राम। भावी पीढ़िय़ों की जरूरतों को आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय रूप से पूरा करने के लिए वस्तुओं और सेवाओं को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की जरूरत है। यह उद्गार महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने एमडीयू सेंटर फॉर प्रोफेशनल एंड एलाइड स्टडीज (सीपीएएस), गुरूग्राम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए व्यक्त किए। विपणन और निरीक्षण निदेशालय (कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार) एवं ग्राहक सहायक, गुरुग्राम के सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन में कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने अपने संबोधन में संसाधनों के कुशल उपयोग के लिए खपत और उत्पादन पैटर्न में बदलाव की समीक्षा करते हुए उपभोक्ता को अधिक जिम्मेदार एवं जवाबदेही होने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए सीपीएएस निदेशक डॉ. कैलाश कुमार और उनकी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। बतौर मुख्य वक्ता शिक्षाविद प्रो. वीके अग्रवाल ने कहा कि एक सुरक्षित, स्वस्थ और न्यायसंगत समाज के लिए उपभोक्ता संरक्षण कानूनों के क्रियान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कानून के शिक्षक और छात्र, शोधकर्ता, नीति निर्माता और समाधान प्रदाता उपभोक्ताओं को उपभोक्ता संरक्षण कानूनों के बारे में जागरूक करके मौजूदा कानूनों के कार्यान्वयन में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं। सीपीएएस निदेशक डॉ. कैलाश कुमार ने प्रारंभ में स्वागत भाषण दिया। डॉ. निधि ने अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की विषय वस्तु पर प्रकाश डाला। वरिष्ठ विपणन अधिकारी, विपणन और निरीक्षण विभाग एचसी महतो ने अपने संबोधन में सतत उपभोग के लिए उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने में एगमार्क और अन्य प्रमाणन की भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रमाणन निकायों के लिए राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीसीबी) के पूर्व सीईओ अनिल जौहरी ने बुद्धिमान खरीदारी की संस्कृति बनाने पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही, जिससे उपभोक्ता उत्पादों के स्थायित्व पहलू के बारे में जागरूक हो। उपभोक्ता समन्वय परिषद के अध्यक्ष पी. रामा राव ने सतत विकास के लिए नवीकरणीय ऊर्जा के महत्व पर प्रकाश डाला। कर्नल हरि नारायण हांडा और कर्नल विजय तलवार, पूर्व अध्यक्ष, ग्राहक सहायक, गुरुग्राम ने उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा में स्वैच्छिक उपभोक्ता संघों की भूमिका पर प्रकाश डाला। आईबीएम, यूएसए से मेघना खरब और बांग्लादेश से प्रो. गाज़ी ने तकनीकी सत्रों की अध्यक्षता की। डॉ. सुरेंद्र नारा ने आभार जताया तथा मंच संचालन डॉ. सुनील देवी खऱब ने किया। इस मौके पर रामावतार यादव, अध्यक्ष ग्राहक सहयोग, विपणन और निरीक्षण निदेशालय के वरिष्ठ सदस्य, विभिन्न विश्वविद्यालयों और केंद्रों के विद्वान, शिक्षक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।